सीरियल “Tumm Se Tumm Tak” में Anu की ज़िंदगी एक ऐसे दर्दनाक मोड़ पर आ खड़ी हुई है , जहाँ उसके पास न रोने के लिए कंधा है और न ही लड़ने के लिए हिम्मत । एक तरफ़ , Raghupati की लगाई आग ने उसके परिवार की रोज़ी-रोटी , उनकी दुकान छीन ली है , तो वहीं दूसरी तरफ़ , ऑफिस में Meera उसे तोड़ने के लिए हर हद पार कर रही है । अब , Meera एक ऐसी साज़िश रचने वाली है , जिसमें Anu की एक छोटी सी गलती , उसकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी तबाही बन जाएगी और उसकी नौकरी पर भी ख़तरा मँडराने लगेगा ।
परिवार का बिखरा सपना और पिता की “खुद्दारी” 💔
Anu के परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है । Raghupati ने Sharma Ji की दुकान में जो आग लगाई थी , उसने सिर्फ़ दुकान नहीं , बल्कि पूरे परिवार के सपनों को जलाकर राख कर दिया है । Sharma Ji के पास अब न कोई काम है , न ही कोई आमदनी का ज़रिया।
इस मुश्किल घड़ी में , Anu अपने परिवार को सँभालने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है । लेकिन उसकी सबसे बड़ी रुकावट बन गए हैं उसके अपने पिता । Sharma Ji ने अपनी “खुद्दारी” Self-Respect को बीच में लाते हुए यह ऐलान कर दिया है कि वे Aryavardhan से किसी भी तरह की मदद नहीं लेंगे । उन्होंने Anu और Pushpa को Aryavardhan को इस बारे में बताने से साफ़ मना कर दिया है । पिता का यह फैसला Anu के लिए सबसे बड़ा झटका है , क्योंकि वह जानती है कि इस वक़्त सिर्फ़ Aryavardhan ही उनकी मदद कर सकता है।
Anu का दर्द और Aryavardhan का शक 🤔
Aryavardhan इस सबसे अनजान है , लेकिन वह Anu के चेहरे पर छाई उदासी और परेशानी को नोटिस कर लेगा । वह Anu को इतना बिखरा हुआ और चुप-चुप देखेगा कि उसे यकीन हो जाएगा कि Anu किसी बहुत बड़ी मुसीबत में है । Aryavardhan उससे सच जानने की कोशिश करेगा , लेकिन Anu अपने पिता के वचन से बंधी होने के कारण उसे कुछ नहीं बता पाएगी ।
Aryavardhan चुप बैठने वालों में से नहीं है । वह अब खुद इस मामले की तह तक जाने का फैसला करेगा । वह यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि Anu की इस हालत का ज़िम्मेदार कौन है , और जल्द ही उसे Sharma Ji की दुकान में लगी आग की सच्चाई का पता चल जाएगा ।
Meera का ज़हरीला खेल “टॉर्चर” और “झूठा इल्ज़ाम” 🐍
Anu की असली मुसीबत सिर्फ़ उसका परिवार नहीं , बल्कि Meera है । Meera अब Anu को सिर्फ़ परेशान नहीं कर रही , वह उसे मानसिक रूप से “टॉर्चर” करने लगी है । वह Anu को एक मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रही है , उसे बार-बार नीचा दिखा रही है , और अब… वह अपना आख़िरी दांव चलने वाली है ।
आने वाले ट्रैक में , Anu से ऑफ़िस में सच में एक गलती हो जाएगी । यह एक छोटी-सी , अनजाने में हुई गलती होगी , जिसके लिए Anu को खुद भी बहुत पछतावा होगा । लेकिन Meera के लिए यह एक सुनहरा मौका होगा ।
Meera इस छोटी सी गलती को एक बहुत बड़ा मुद्दा बना देगी । वह Anu पर एक “झूठा इल्ज़ाम” लगाएगी , शायद लापरवाही का या कंपनी को नुकसान पहुँचाने का । Anu अपनी बेगुनाही साबित नहीं कर पाएगी क्योंकि “गलती” तो उससे हुई थी । Meera इस बात को लेकर बहुत खुश होगी , क्योंकि अब Anu की जॉब खतरे में आ जाएगी ।
Anu के लिए यह सबसे बड़ा सदमा होगा । एक तरफ़ परिवार के पास पैसे नहीं हैं , पिता मदद लेने को तैयार नहीं हैं , और अब यह नौकरी… जो शायद उनका आख़िरी सहारा थी… वह भी हाथ से जाने वाली है । Anu की आँखों में आँसू होंगे , लेकिन Meera को उस पर ज़रा सी भी दया नहीं आएगी ।
- क्या Anu अपनी नौकरी बचा पाएगी ?
- क्या Aryavardhan वक़्त रहते Meera की इस घिनौनी चाल का पर्दाफ़ाश कर पाएगा ?
- क्या Anu अपने परिवार की “खुद्दारी” बचाने के लिए अपनी नौकरी की क़ुर्बानी दे देगी ?







